पटना के बाढ़ अनुमंडल में पेट्रोल और डीजल का संकट, कई पेट्रोल पंप अचानक हुए बंद, आम जनता परेशान
बाढ़ अनुमंडल में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की किल्लत से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
पटना: बाढ़ अनुमंडल में इन दिनों पेट्रोल और डीजल की किल्लत से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। क्षेत्र के कई पेट्रोल पंप अचानक बंद हो गए हैं, जिसके कारण वाहन चालकों को ईंधन के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।जानकारी के अनुसार, बाढ़ बाजार समेत आसपास के इलाकों में अधिकांश पेट्रोल पंपों पर “नो स्टॉक” की स्थिति बनी हुई है। जिन पंपों पर थोड़ा बहुत ईंधन उपलब्ध है, वहां लंबी कतारें लग रही हैं। बाइक, कार और व्यावसायिक वाहनों के चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी पूर्व सूचना के पंप बंद होने से रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ रहा है। खासकर मरीजों को अस्पताल ले जाने और जरूरी सेवाओं में काफी दिक्कत हो रही है। वहीं, पंप संचालकों का कहना है कि आपूर्ति बाधित होने के कारण यह स्थिति बनी है। तेल कंपनियों से समय पर डिलीवरी नहीं मिलने की वजह से स्टॉक खत्म हो गया है।
प्रशासन की ओर से अभी तक इस समस्या पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही आपूर्ति बहाल कर स्थिति सामान्य की जाएगी। फिलहाल हालात यह हैं कि बाढ़ अनुमंडल में पेट्रोल-डीजल की कमी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है और लोग राहत की उम्मीद में हैं।
बताया जा रहा है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से देश के कई हिस्सों में ईंधन आपूर्ति पर असर पड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत में भी देखने को मिल रहा है। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों और केंद्र सरकार की ओर से लगातार यह दावा किया जा रहा है कि देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है और लोगों से घबराकर अधिक खरीदारी नहीं करने की अपील की गई है।
वहीं दूसरी तरफ ग्राहकों का कहना है कि पेट्रोल की कीमत भी बढ़ा दी गई है, पहले से ही पेट्रोल डीजल की कीमतें आसमान छू रही थी और अब पुनः पेट्रोल डीजल के मूल्यों में वृद्धि कर दी गई है, जिससे लोगों को कई तरह की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है।
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